Why don’t we get a shock touching neutral wire? न्यूट्रल वायर बिजली का झटका क्यों नहीं देता? ये जान लो कभी न्यूट्रल return करंट नही देगा

लेखक श्री राजेश अलोने इलेक्ट्रिकल इंजिनियर

विद्युत प्रणाली में न्यूट्रल तार को छूने पर करंट क्यों महसूस नहीं होता है? (
Why don’t we get a shock touching neutral wire?) और जब फेज के तार को छूते हैं, तो हमें झटका लगता हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी न्यूट्रल तार को छूने पर भी हमें बिजली का झटका लगता है। तो ऐसा क्यों होता है,

आज हम इस पोस्ट में जाने वाले हैं। तो यह सब जानने के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें।
किसी भी वस्तु से विद्युत धारा प्रवाहित करने के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है:-
वोल्टेज
रजिस्टेंस

यदि वोल्टेज है तो ही कंडक्टर से करंट प्रवाहित हो सकता है, यदि करंट प्रवाहित करना है तो उसका प्रतिरोध कम होना चाहिए। अगर रेजिस्टेंस ज्यादा हो तो करंट के प्रवाह में कई दिक्कतें आती हैं और अगर रेजिस्टेंस कम है तो करंट बहुत आसानी से बहता है।

सभी कंडक्टर का प्रतिरोध बहुत कम होता है और सभी इंसुलेटर का प्रतिरोध इतना अधिक होता है कि उनमें से कोई भी विद्युत प्रवाह नहीं हो सकता है।

न्यूट्रल तार को छूने से विद्युत धारा क्यों नहीं आती है, हमें एक अवधारणा को समझने की जरूरत है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि हमारे पास 100 वाट का बल्ब है, तो हम मापते हैं कि बल्ब को जलाने के लिए कितने एम्पीयर करंट की जरूरत होती है। तो आप जानते हैं कि करंट मापने का सूत्र नीचे दिया गया है:-

I=P/V


मतलब अगर हम करंट लेना चाहते हैं, तो हमें वोल्टेज से वाट को विभाजित करना होगा। इसका मतलब यह हुआ कि इस गणना के अनुसार अगर आपको 100 वाट का बल्ब दिखाई दे तो वह 230 वोल्ट में कितना करंट इस्तेमाल करेगा:-


I = 100 /230 = 0.43A

उपरोक्तानुसार , विद्युत प्रवाह लगभग आधा amp का उपयोग करेगा। साथ ही, यदि आप इस बल्ब का प्रतिरोध ज्ञात करना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको ओम के नियम की आवश्यकता होगी। अतः Om के नियमों के अनुसार निम्न सूत्र का प्रयोग करना होता है:-


R= V/I


यदि इसकी गणना की जाए:-


R = 230/ 0.43 = 534


तो हमें लगभग 534 ओम का प्रतिरोध मिलता है, तो आपको इस 100 वाट के बल्ब का प्रतिरोध मिलता है, जो कि 534 है, और आप जानते हैं कि मानव शरीर का प्रतिरोध क्या है?

मानव शरीर के प्रतिरोध की बात करें तो मानव शरीर का प्रतिरोध 1000 ओम से 10000 ओम के बीच होता है, यह सामान्य स्थिति में होता है। इसका मतलब है कि अगर आपको पसीना आ रहा है या आपने नहा लिया है, बारिश में भीगते हुए आप भीग गए हैं, तो आपके शरीर का रेजिस्टेंस बहुत कम है। और मान लीजिए अगर आपका शरीर सुखा है तो इस स्थिति में आपके शरीर का रेजिस्टेंस बहुत अधिक होगी,

जब PHASE WIRE को छूते हैं तो हमें करंट क्यों महसूस होता है।

सबसे पहले हमें यह पता होना चाहिए की फेज और न्यूट्रल क्या है| उदाहरण के लिए,हम यहां एक बल्ब लेते है, इसमें फेस और न्यूट्रल वायर जोड़ देते है|

यह मानते हैं कि वोल्टेज 230 वोल्ट है, और न्यूट्रल 0 वोल्ट है। न्यूट्रल ग्राउंडिंग की जाती है जो ट्रांसफॉर्मर में जहां डिस्ट्रीब्यूशन शुरू होता है, न्यूट्रल ग्राउंडिंग की जाती है. न्यूट्रल की ग्राउंडिंग के कारण न्यूट्रल का वोल्टेज शून्य होता है।

क्या होता है जब हम फेज वायर छूते हैं?

जैसे उपर बताया गया है की मानव शरीर का REGISTANCE 1000 से 10000 ओम तक होता है। मान लेते है की किसी व्यक्ति का प्रतिरोध 5000 ओम है।
अब हम गणना करेंगे कि इस CONDITION में फेज वायर को छूने वाले व्यक्ति के शरीर में कितना CURRENT प्रवाहित होगा।

उसके लिए हमें फिर से वही ओम नियम का सहारा लेना होगा। तो हमारा वोल्टेज 230 वोल्ट है और प्रतिरोध 5000 ओम है इसलिए वोल्टेज और प्रतिरोधों से करंट प्राप्त करने का सूत्र है: –


I=V/R


यदि इसकी गणना की जाए:-


I=230/5000=0.046


इसका मतलब यह है कि जब कोई व्यक्ति PHASE WIRE को छूता है और उसके BODY का REGISTANCE 5000 ओम होता है, तो उसके शरीर से 0.046 A या 46 mA करंट प्रवाहित होगा। यह प्रवाह मानव शरीर का REGISTENCE और फेस वोल्टेज के आधार पर कम या ज्यादा हो सकता है।


यदि मानव शरीर में 7 मिली एम्पियर से अधिक धारा प्रवाहित हो रही हो तो व्यक्ति को इसका अनुभव होता है। और अगर करंट 7 मिलीएम्पियर से कम हो तो व्यक्ति को पता भी नहीं चलेगा कि उसके शरीर से करंट प्रवाहित हो रहा है। ऐसे में शरीर के अंदर 40 मिलीमीटर करंट प्रवाहित हो रहा है, इसलिए यह देखना आसान है कि शरीर में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है।