हैलोजन लैम्प क्या है90% लोग नही जानते | What is Halogen Lamp

लेखक श्री राजेश अलोने इलेक्ट्रिकल इंजिनियर

हैलोजन लैम्प (halogen lamp) श्रेणी का एक नवीनतम लैम्प है| यह साधारण लैम्प की अपेक्षा अच्छा माना जाता है। इसमें निष्क्रिय गैस जैसे argon और नाइट्रोजन के साथ हैलोजन गैस मिक्स करके भर देते है इससे टंगस्टन का वाष्पीकरण रूक जाता है|

लैम्प में उपयोग किए जाने वाले फिलामेन्ट में निम्नानुसार गुण होने चाहिए

  1. इसका melting point ज्यादा होना चाहिए।
  2. इसका प्रतिरोध कम से कम होना चाहिए।
  3. यह धातु में तन्यता होना चाहिए।
  4. वाष्पीय दाब कम होना चाहिए
  5. ऑक्सीकरण का कोई प्रभाव नहीं होना चाहिए।

हैलोजन लैम्प की संरचना


इसमें पतली सी नली में टंगस्टन धातु की क्वाइल फिलामेंट लगाया जाता है। यह नली उच्च तापमान को भी सहन कर सकती है।


हेलोजन लेम्प की कार्य प्रणाली


हैलोजन गैस की उपस्थिति का एक विशेष फायदा यह होता है कि टंगस्टन धातु के वाष्पीकृत अणु फिर से उस फिलामेंट पर इक्कठे हो जाते हैं। टंगस्टन के वाष्पीकृत अणु दूर तक न फैले इसलिए नली थोड़ी सकरी बनाई जाती है| और उच्च तापमान सहन करने वाले पदार्थ की बनाई जाती है। इसका फायदा यह है की फिलामेंट उच्च तापमान तक गर्म हो सकते हैं और अधिक प्रकाश दे सकता है।

हैलोजन चक्र


साधारण लैंप में, वाष्पित होने वाली टंगस्टन बल्ब की अन्दर की सतह पर जमा होती जाता है| इससे बल्ब काला होता जाता है और इसका फिलामेंट कमजोर होकर टूट जाता है। हलोजन की इस वाष्पित टंगस्टन के साथ एक रासायनिक प्रतिक्रिया करती है। हैलोजन चक्र बल्ब को साफ रखता है और प्रकाश देने की प्रक्रिया को बल्ब के पूरे जीवनकाल में एक जैसा स्थिर रखता है। मध्यम तापमान पर हैलोजेन वाष्पित टंगस्टन के साथ प्रतिक्रिया करता है, जो हलाइड बनाता है वह अक्रिय गैस के कारण फ़ैल जाता है। कुछ जगह पर यह बल्ब केअन्दर हाई टेम्प्रेचेर वाले क्षेत्रों तक चला जाता है|

इस प्रतिक्रिया के सफल होने के लिए समग्र बल्ब लिफाफा तापमान साधारण लैंप की तुलना में अधिक होना चाहिए| यह केवल 250 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर कांच के लिफाफे के अंदर होता है| हैलोजेन वाष्प टंगस्टन के साथ क्रिया कर सकता है| और कांच पर टंगस्टन जमा होने के बजाय इसे फिलामेंट में वापस भेज देता है। कोई 300 वाट का हैलोजेन बल्ब पूरी शक्ति से संचालित होता है| और बहुत जल्दी से लगभग 540 डिग्री सेल्सियस के तापमान तक चला जाता है| लेकिन 500 वाट का नियमित तापदीप्त बल्ब केवल 180 डिग्री सेल्सियस 75 वाट पर ही चलता

हैलोजन लैम्प के लाभ (Advantages of Halogen Lamp)

  1. यह लैम्प अन्दर से काला नहीं होता है, इस प्रकार इसके output में कोई बदलाव नहीं होता है।
  2. लैम्प का साइज़ छोटा होता है।
  3. कई अच्छे रंगों के लैम्प बनाए जा सकते हैं।
  4. 5kW तक के लैम्प भी बनाए जा सकते हैं।

हैलोजन लैम्प के उपयोग

कंपनियों के बाहर, खेल मैदान में, पार्क और फैक्ट्रियों में रोशनी करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।